Trai rules out need to regulate OTT players | नहीं बनेगा ओटीटी के लिए अलग से नियम-कायदा; ट्राई ने कहा- इसे रेगुलेट करने के लिए गाइडलाइंस की जरूरत नहीं है

Trai rules out need to regulate OTT players | नहीं बनेगा ओटीटी के लिए अलग से नियम-कायदा; ट्राई ने कहा- इसे रेगुलेट करने के लिए गाइडलाइंस की जरूरत नहीं है

नई दिल्ली10 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

आईटीयू का रिसर्च पूरा होने के बाद ही इनका रेगुलेशन संभव है।

  • ट्राई के मुताबिक ओटीटी को दायरे में लाने से इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ेगा
  • भविष्य में जरूरत महसूस होने पर विचार किया जा सकता है

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की तरफ से ओटीपी प्लेटफॉर्म को बड़ी राहत दी गई है। ट्राई के मुताबिक इन ऐप्स को अब रेगुलेट करने के लिए गाइडलाइंस की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐसे में ट्राई की तरफ से ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए फिलहाल रेग्यूलेटरी फ्रेमवर्क नहीं बनाया जाएगा।

भविष्य में जरूरत महसूस हुई तब सोचेंगे

ट्राई ने कहा कि अगर भविष्य में इसकी जरूरत महसूस होती है, तब रेग्यूलेटरी फ्रेमवर्क बनाने को लेकर सोचेंगे। ट्राई ने कहा कि ओटीटी सेवा से जुड़ी प्राइवेसी और सिक्योरिटी के मुद्दे को लेकर मौजूदा वक्त में रेग्यूलेटरी फ्रेमवर्क बनाकर दखलंदाजी नही करनी चाहिए।

सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही इन प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई होगी

ट्राई के मुताबिक ओटीटी को दायरे में लाने से इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ेगा। इसे सिर्फ मॉनिटर करने की जरूरत है। सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही इन प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई होनी चाहिए। ओटीटी की प्राइवेसी, सिक्योरिटी पर भी दखल नहीं दिया जाएगा। इंटरनेशनल टेलिकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) की रिसर्च पूरी होने के बाद ही इनका रेगुलेशन संभव है।

मोबाइल नेटवर्क की कमाई पर पड़ता है असर

गौरतलब है कि मोबाइल ऑपरेटर्स की तरफ से ट्राई और सरकार के समक्ष ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए एक रेग्यूलेटरी फ्रेमवर्क बनाने की मांग की गई थी। मोबाइल ऑपरेटर्स का मानना है कि ओटीटी कंपनियां किसी भी नियम कानून के दायरे में नहीं आते हैं और ग्राहकों को उनके ही नेटवर्क से मुफ्त में तमाम तरह की सर्विस उपलब्ध कराती हैं। इसके चलते मोबाइल नेटवर्क की होने वाली कमाई पर असर पड़ता है।

0

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: